गोरखपुर। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे अब सिर्फ आवागमन को आसान बनाने वाला मार्ग नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला केंद्र बनने जा रहा है। एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके पहले चरण में गोरखपुर जिले की सीमा में 153 एकड़ भूमि पर औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत खजनी तहसील क्षेत्र के बहादुरपुर खुर्द और बहादुरपुर बुजुर्ग गांवों में औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स इकाइयों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। यहां टेक्सटाइल, एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, पैकेजिंग समेत विभिन्न क्षेत्रों की इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के शुरू होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हुई है। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ चुका है। इससे माल परिवहन में लगने वाला समय कम होगा और उद्योगों को तेज व सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते निवेशकों की रुचि भी गोरखपुर की ओर बढ़ रही है।
लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित होने से वेयरहाउसिंग, परिवहन और सप्लाई चेन से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी और किसानों व व्यापारियों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी गति देगी।
