हर हाथ तिरंगा, हर घर सम्मान: 2 करोड़ तिरंगे बनाएंगी महिला समूह, यूपी में राष्ट्रभक्ति के साथ आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ केवल राष्ट्रभक्ति का पर्व नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का बड़ा अभियान बनने जा रहा है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं करेंगी। इससे लाखों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, आय और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ हर घर तिरंगा अभियान आज राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति का जनआंदोलन बन चुका है। इस अभियान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी न केवल राष्ट्रध्वज के सम्मान को बढ़ाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को भी नई शक्ति देगी।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी तिरंगों का निर्माण भारतीय ध्वज संहिता के निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए। तिरंगे का आकार 3:2 के अनुपात में होगा तथा केसरिया, सफेद और हरे रंग के साथ मध्य में 24 तीलियों वाला अशोक चक्र अंकित रहेगा। तिरंगे केवल अनुमन्य कपड़ों जैसे खादी, सूती, पॉलिएस्टर, ऊनी अथवा सिल्क से तैयार किए जाएंगे।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। भुगतान प्राप्ति रसीदों के सत्यापन के बाद सीधे समूहों के बैंक खातों में ऑनलाइन, आरटीजीएस अथवा पीएफएमएस के माध्यम से किया जाएगा। सभी भुगतान की प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 तक पूरी करने और 5 सितंबर 2026 तक इसकी रिपोर्ट मिशन मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने 2 करोड़ से अधिक तिरंगों का सफल निर्माण किया था। इसी सफलता को देखते हुए इस वर्ष भी 2 करोड़ तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी, जो निर्माण, गुणवत्ता, आपूर्ति और भुगतान की नियमित समीक्षा करेगी।

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन तिरंगा निर्माण की समीक्षा की जाए और 12 अगस्त 2026 की शाम तक सभी तिरंगों की आपूर्ति हर हाल में पूरी कर ली जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तिरंगा निर्माण का कार्य अधिकतम स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ही कराया जाएगा तथा इसमें किसी ठेकेदार या बाहरी संस्था को शामिल नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक तिरंगों का निर्माण होता है तो उनकी बिक्री स्थानीय बाजारों और अन्य माध्यमों से भी कराई जा सकती है, ताकि किसी भी स्वयं सहायता समूह को आर्थिक नुकसान न हो। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित परिवारों को भी स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित तिरंगे खरीदने और सम्मानपूर्वक अपने घरों पर फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए गुणवत्ता, समयबद्ध आपूर्ति, पारदर्शी भुगतान और भारतीय ध्वज संहिता के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेशवासियों से अपील करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हर नागरिक ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ में पूरे उत्साह और गर्व के साथ भाग ले तथा भारतीय ध्वज संहिता का पालन करते हुए अपने घरों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है तथा प्रत्येक घर पर इसका सम्मानपूर्वक ध्वजारोहण भारत की एकता, अखंडता और विकसित राष्ट्र के संकल्प के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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