प्रयागराज। शहर में मेट्रो रेल परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) 14 अगस्त तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो गईं, तो दिसंबर 2026 तक परियोजना का शिलान्यास किया जा सकता है। प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क के तहत प्रयागराज एयरपोर्ट को झूंसी तथा फाफामऊ को नैनी से जोड़ा जाएगा। दो कॉरिडोर में कुल 40 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं, जबकि परेड मैदान को इंटरचेंज जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकनॉमिक सर्विस (राइट्स) को 14 अगस्त तक डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह परियोजना चुनावी वर्ष में प्रयागराज की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं में शामिल मानी जा रही है। इससे न केवल शहर के लाखों लोगों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि महाकुंभ, कुंभ और माघ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
पीडीए अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर मिलते ही अगस्त में परियोजना का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। राज्य सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को जल्द शुरू करने के लिए सभी स्तरों पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि वर्ष के अंत तक शिलान्यास संभव हो सके।
एयरपोर्ट से झूंसी, फाफामऊ से नैनी तक दौड़ेगी मेट्रो
प्रस्तावित योजना के अनुसार, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रयागराज एयरपोर्ट से त्रिवेणीपुरम झूंसी स्थित सिटी लेक फॉरेस्ट तक जाएगा, जबकि नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर शांतिपुरम कॉलोनी (फाफामऊ) से अलोपीबाग होते हुए नैनी तक विकसित किया जाएगा। दोनों कॉरिडोर में कुल 40 स्टेशन बनाए जाएंगे। मेट्रो डिपो के लिए झूंसी और नैनी में 20-20 हेक्टेयर भूमि भी चिह्नित की गई है।
परेड बनेगा प्रमुख इंटरचेंज हब
मेट्रो परियोजना में परेड मैदान को इंटरचेंज जंक्शन बनाया जाएगा, जहां से यात्रियों को झूंसी, फाफामऊ, बमरौली और नैनी के लिए सीधी मेट्रो सुविधा मिलेगी। इसके अलावा संगम क्षेत्र में भी मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है, जिससे कुंभ और माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
तीन से आठ कोच की फुल मेट्रो ट्रेन
प्रयागराज के लिए तीन से आठ कोच वाली फुल मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना बनाई गई है। परियोजना की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राइट्स को सौंपी गई है।
