
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश में अधिक टिकाऊ और सुरक्षित मुद्रा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से पॉलिमर (प्लास्टिक) के नोट जारी करने की योजना पर काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पॉलिमर से बने नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होंगे। ये नोट जल्दी फटेंगे नहीं, गंदे कम होंगे और नमी व पानी का भी बेहतर सामना कर सकेंगे। इससे नोटों की उम्र बढ़ेगी और बार-बार नए नोट छापने की आवश्यकता कम होगी।
आरबीआई का मानना है कि प्लास्टिक के नोटों के इस्तेमाल से मुद्रा प्रबंधन की लागत में भी कमी आएगी। साथ ही इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा सकेंगे, जिससे नकली नोटों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
हालांकि, आरबीआई ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि शुरुआत में कौन-कौन से मूल्यवर्ग के नोट जारी किए जाएंगे। यदि योजना तय समय पर लागू होती है, तो भारत भी उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां पॉलिमर नोटों का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।
