चार रेलवे लाइनों के बीच जिंदगी दांव पर, दो दिन की भूख हड़ताल के बाद मिला सुरक्षित रास्ते का भरोसा

घरसड़ी विस्थापितों की भूख हड़ताल समाप्त, पुलिया और मूलभूत सुविधाओं के समाधान का आश्वासन

बीना। सुरक्षित रास्ता, पुलिया निर्माण, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर घरसड़ी विस्थापितों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। दूधी से पहुंचे नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार ने भूख हड़ताल पर बैठे रोहित कुमार भारती को जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त कराया।

ग्रामीणों का कहना है कि आजाद नगर जाने के लिए स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों सहित ग्रामीणों को चार रेलवे लाइनों को पार करना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक इस दौरान मालगाड़ियों की आवाजाही के बीच हादसों का खतरा बना रहता है और पूर्व में लोग घायल भी हो चुके हैं। लंबे समय से ग्रामीण सुरक्षित रास्ते और पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं।

नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कृष्णशिला परियोजना प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को उनकी मांगों से जिलाधिकारी को अवगत कराने का भरोसा दिलाया। वहीं, कृष्णशिला परियोजना प्रबंधन की ओर से भी रास्ते की समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया गया।

प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया।

इस दौरान बीना चौकी प्रभारी अजय श्रीवास्तव, परियोजना प्रबंधन से देवेंद्र शर्मा, पर्यावरण अधिकारी ओमबीर सिंह, लेखपाल सत्यप्रकाश, राकेश, साजन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

TOP

You cannot copy content of this page