
प्रतापगढ़। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गुरुवार तड़के प्रतापगढ़ के महुली वार्ड में ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। करीब 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। देखते ही देखते पूरा परिवार मलबे में दब गया। इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतकों में प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव, पुत्र नितिन श्रीवास्तव, पुत्रवधू माधुरी श्रीवास्तव और दो मासूम बच्चे माधव व अद्विक शामिल हैं। परिवार के बड़े बेटे अमन श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोगों की मदद से कई घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। भारी मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक छह लोगों की मौत हो चुकी थी। घायल अमन को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद महुली वार्ड में मातम पसरा हुआ है। परिजनों और स्थानीय लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रारंभिक जांच में लगातार हो रही बारिश के कारण कमजोर और जर्जर हो चुके मकान के ढहने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा एक बार फिर जर्जर भवनों की समय रहते जांच और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर करता है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।
