मोबाइल रिचार्ज की जिद बनी विवाद की वजह, 14 वर्षीय छात्र ने उठाया खौफनाक कदम

मऊ । छठी कक्षा के छात्र ने मोबाइल रिचार्ज के लिए रुपए न मिलने पर सुसाइड कर लिया। वह फ्री फायर गेम खेलता था। गेम खेलने की लत से उसकी मां परेशान थीं। इसलिए मोबाइल रिचार्ज कराना बंद कर दिया था। सोमवार शाम करीब 4 बजे छात्र ने रिचार्ज के लिए रुपए मांगे तो मां ने मना कर दिया। नाराज होकर वह पहली मंजिल पर बने कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक जब वह नीचे नहीं आया तो मां ऊपर गईं। उन्होंने रोशनदान से देखा कि बेटा फंदे पर लटक रहा है। यह देखकर उसकी चीख निकल गई। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र की है।
रघुनाथपुरा मोहल्ले में परवेज अहमद का परिवार रहता है। परवेज 4 साल पहले कमाने के लिए दुबई चले गए थे। घर पर उनकी पत्नी फरजाना खातून और बेटा जमशेद आलम (14) उर्फ नावेद रहता है। नावेद छठवीं क्लास में पढ़ता था और मां-बाप की इकलौती संतान था। वह स्कूल से आने के बाद मोबाइल में आॅनलाइन गेम खेलता था। इस बात से उसकी मां फरजाना खातून नाराज रहती थीं। वह उसे डांट भी लगाती थीं। मां फरजाना ने मोबाइल में रिचार्ज कराना भी बंद कर दिया था। सोमवार की सुबह नावेद मां से मोबाइल में रिचार्ज कराने की जिद कर रहा था। उसने दिन भर खाना भी नहीं खाया।

कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया
नावेद नाराज होकर घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में चला गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया। जब उसकी मां फरजाना उसे देखने पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने रोशनदान से देखा तो नावेद फंदे से लटका हुआ था। उन्होंने घर के अन्य लोगों को बुलाया। कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने नावेद को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव घर लाया गया। शाम करीब 6 बजे घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
नगर कोतवाल प्रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी पहलुओं की जांच जारी है।

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