‘इलाज पैसे से नहीं रुकेगा’… जनता दर्शन में बोले सीएम योगी, अधिकारियों को सख्त चेतावनी, 200 फरियादियों को दिया भरोसा

गोरखपुर, 23 जुलाई। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश में किसी भी जरूरतमंद का इलाज आर्थिक तंगी के कारण नहीं रुकेगा। गुरुवार सुबह आयोजित जनता दर्शन में उन्होंने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी से मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और प्रत्येक पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जरूरतमंद मरीजों के इलाज का एस्टीमेट जल्द तैयार कर शासन को भेजा जाए ताकि बिना देरी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही उन्होंने पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने पर भी विशेष जोर दिया, जिससे भविष्य में इलाज के दौरान किसी को आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवादों में पहले आपसी संवाद के माध्यम से समाधान का प्रयास किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर ही विधिक कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि प्रशासन की प्राथमिकता आम जनता को त्वरित न्याय और राहत दिलाना होनी चाहिए।

जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी परंपरागत दिनचर्या का पालन करते हुए गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन किए और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वह मंदिर परिसर स्थित गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों और अन्य गोवंश को अपने हाथों से गुड़ खिलाया। उन्होंने गोशाला के कर्मचारियों से गोवंश की देखभाल की जानकारी ली और बेहतर संरक्षण एवं सेवा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री की इस दिनचर्या ने एक बार फिर जनसेवा और गोसेवा, दोनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।

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