
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में 995 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए आस्था पर प्रहार करते थे, वही आज आस्थावान बनने का ठेका ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के मुंह से आस्था की बातें हास्यास्पद लगती हैं।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर जिले के पहले 2.6 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन फ्लाईओवर समेत 813.52 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का लोकार्पण और 181.77 करोड़ रुपये की 10 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था विकास की गति को कई गुना बढ़ा देती है।
सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में बाधाएं खड़ी कीं और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, जबकि कांग्रेस ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और मंदिर आंदोलन का विरोध किया। ऐसे दलों को आस्था पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों, अपराध और अराजकता के लिए जाना जाता था। त्योहारों पर तनाव रहता था और कांवड़ यात्रा तक प्रभावित होती थी। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और हर वर्ग सुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण हजारों बच्चों की जान गई, लेकिन उनकी सरकार ने इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं, गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई दे रहे हैं।
रोजगार के मुद्दे पर सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में नौकरियों पर “सैफई सिंडिकेट” का कब्जा था, जबकि उनकी सरकार ने नौ वर्षों में बिना भेदभाव 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इसके अलावा निजी निवेश और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
उन्होंने गोरखपुर के बदले स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय यह शहर माफिया, अपराध और मच्छरों के लिए बदनाम था, लेकिन आज निवेश, उद्योग और रोजगार का बड़ा केंद्र बन चुका है। गीडा में हजारों युवाओं को रोजगार मिला है और अब लोग गोरखपुर में जमीन खरीदने और बसने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के बीच प्रदेश की 29 चीनी मिलें बंद कर दी गईं और 21 मिलों को औने-पौने दामों पर बेच दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों, युवाओं और गरीबों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
रामगढ़ताल का उदाहरण देते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो स्थान कभी गंदगी और अपराध के लिए जाना जाता था, वह आज पर्यटन, मनोरंजन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां हजारों परिवार घूमने आते हैं और फिल्म शूटिंग जैसी गतिविधियां भी हो रही हैं।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वच्छता, वर्षा जल संरक्षण और पौधरोपण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को जन आंदोलन बनाना होगा। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करने और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में कई सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत आधारभूत ढांचा और तेज विकास की बदौलत उत्तर प्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
