लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा, “मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, पाकिस्तान का हो या भारत का, मदरसे अघोषित रूप से आतंकवाद पैदा करते हैं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है और विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा से जुड़े संशोधन प्रस्ताव पर आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री के इस बयान और प्रस्तावित संशोधनों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में जोर-शोर से उठ सकता है।
मानसून सत्र में हंगामे के आसार
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत प्रस्तावों को सदन में पेश कर सकती है। मदरसा शिक्षा से जुड़े संभावित संशोधन और डिप्टी सीएम के बयान को लेकर सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
अनुपूरक बजट पर भी विपक्ष का हमला
अनुपूरक बजट को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा है। समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि सरकार अब तक जितने भी बजट लाई है, उनमें से वास्तविक खर्च कितना हुआ, इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, “आज के अनुपूरक बजट से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगे, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि उसका क्या परिणाम निकला।”
बजट से पहले हुई कैबिनेट बैठक
अनुपूरक बजट पेश किए जाने से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिन्हें सरकार सदन में पेश कर सकती है।
