कांवड़ यात्रा पर सीएम योगी सख्त: अफवाहबाजों पर जीरो टॉलरेंस, महिला सुरक्षा और बाढ़ राहत को लेकर दिए बड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का महापर्व बताते हुए कहा कि इसकी गरिमा भंग करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफवाह फैलाने वालों और भ्रामक खबरों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए और कानून व्यवस्था से कोई समझौता न किया जाए।

मुख्यमंत्री गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, बाढ़ की स्थिति, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों, खाद की उपलब्धता तथा स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि समाज में जातीय विद्वेष फैलाने की साजिशों के बीच लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता वाली कांवड़ यात्रा सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है। सरकार के साथ अनेक सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हैं। समीक्षा बैठक में बताया गया कि गाजियाबाद से अब तक करीब 70 हजार कांवड़ यात्री गुजर चुके हैं और आने वाले दिनों में उनकी संख्या और बढ़ने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात की सराहना की कि इस्लामिक समुदाय ने उर्स के दौरान शाकाहारी भोजन वितरण की व्यवस्था की है और शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए आयोजन को सीमित दायरे में रखा है। उन्होंने इसे सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान का सकारात्मक उदाहरण बताया।

किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खाद का वितरण पूरी पारदर्शिता से हो, किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए। नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा खतौनी सत्यापन के बाद ही खाद वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

महिला सुरक्षा पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने, 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने, शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।

बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बलिया, बाराबंकी, उन्नाव समेत प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कटान प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर और बलिया में तटबंधों की सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश भी दिए। आगामी सप्ताह में अच्छी बारिश की संभावना को देखते हुए सभी जिलों को पहले से तैयार रहने के लिए कहा गया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि केवल फिटनेस मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों का ही संचालन हो। साथ ही ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूल वाहन चालकों का अनिवार्य सत्यापन कर विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव गृह, राहत आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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