मानसून सत्र से पहले सीएम योगी का बड़ा राजनीतिक हमला: ‘राम मंदिर पर सवाल उठाने वालों ने एक रुपया नहीं दिया’, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी किया बड़ा ऐलान

लखनऊ, 3 अगस्त। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में विपक्ष पर तीखा हमला बोला और सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने राम मंदिर, किसानों, युवाओं, महिलाओं और आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बड़ी घोषणाएं कीं।

राम मंदिर को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज मंदिर के चढ़ावे और चंदे पर सवाल उठा रहे हैं, वही लोग कभी रामभक्तों पर लाठी-गोली चलवाते थे और अदालतों में राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे। उन्होंने कहा कि जिनके जेब से राम मंदिर निर्माण के लिए एक पैसा भी नहीं निकला, वे आज चंदा चोरी की बात कर रहे हैं। देश उनकी दोहरी राजनीति को देख रहा है।

सीएम योगी ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार अगले एक से डेढ़ सप्ताह में आउटसोर्स कमीशन लागू करने जा रही है। इसके साथ ही न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहनें, रसोइये और ग्राम चौकीदारों को भी सम्मानजनक मानदेय दिलाने के लिए अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।

किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसानों को सिंचाई, खाद और भुगतान के लिए भटकना पड़ता था, जबकि आज सरकार 16 लाख से अधिक ट्यूबवेलों को मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है और अधिकांश चीनी मिलें चार से पांच दिनों के भीतर किसानों के खाते में भुगतान कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कहीं भी खाद की कमी न होने पाए और सभी किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और आधुनिक कृषि सुविधाओं के कारण प्रदेश का किसान अब तीन से चार फसलें उगा रहा है। पैक हाउस और निर्यात सुविधाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश की बागवानी फसलें विदेशों तक पहुंच रही हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में महिला श्रमबल की भागीदारी लगभग 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 37 से 38 प्रतिशत हो गई है। मिशन शक्ति अभियान और कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टलों के निर्माण जैसी योजनाओं से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई ताकत मिली है। उन्होंने बताया कि सरकार ने नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 20 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

युवाओं के लिए उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ओडीओपी और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं के कारण प्रदेश में निवेश बढ़ा है और लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर सदन में प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करे। उन्होंने कहा कि विधायिका जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का सबसे बड़ा मंच है और इसी संवाद के माध्यम से पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से निकलकर देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले राज्यों में शामिल हुआ है।

सावन माह का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों, किसानों और नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए सरकार, प्रशासन तथा सामाजिक संगठन मिलकर व्यापक व्यवस्थाएं कर रहे हैं। 7 अगस्त से विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य भी सावन के विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होंगे।

पत्रकार वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही तथा कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख सहित कई वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहे।

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