
युवा शक्ति को नशामुक्त बनाकर ही साकार होगा विकसित भारत का संकल्प : प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्रा
यूथ आइकॉन अनन्या तिवारी और हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट की रैंसी सिंह ने युवाओं को दिया सकारात्मक जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य का संदेश
वाराणसी, 30 जुलाई। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में गुरुवार को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत” विषय पर भारत युवा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करना तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना था।
मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार द्वारा नामित यूथ आइकॉन सुश्री अनन्या तिवारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के सामने असीम अवसर उपलब्ध हैं और यदि वे अपनी ऊर्जा को शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार, खेल, सामाजिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में लगाएंगे तो वे स्वयं भी सफल होंगे और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेंगे।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट की सुश्री रैंसी सिंह ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्त जीवन के संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तनाव, अवसाद, प्रतिस्पर्धा और जीवन की चुनौतियों का समाधान किसी भी प्रकार का नशा नहीं हो सकता। उन्होंने ध्यान (मेडिटेशन), आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और स्वस्थ दिनचर्या को मानसिक सशक्तिकरण का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को नियमित ध्यान एवं आत्मचिंतन अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्रा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए स्वस्थ, जागरूक, अनुशासित और नशामुक्त युवा शक्ति का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज का युवा देश की सबसे बड़ी पूंजी है और यदि वह नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, नवाचार, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देगा तो भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक बनने के साथ-साथ समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. बाला लखेंद्र अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में सकारात्मक सोच, सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय दायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विभाग की प्रो. शोभना नारलीकर, डॉ. धीरेंद्र कुमार राय, विवेक कुमार, उत्कर्ष पाठक, मानस राज, रंजीत कुमार राय, चांदनी शर्मा, आदित्य कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विभाग के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत” के संकल्प को दोहराते हुए समाज में जन जागरूकता फैलाने और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम से तथा समापन राष्ट्रगान से हुआ।
