श्री काशीविश्वनाथ धाम में भव्यता से मनाया गया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

वाराणसी। और सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे, जहां में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का भव्य आयोजन हुआ। दोनों नेताओं ने बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा त्र्यंबकेश्वर सभागार में आयोजित “श्री सोमनाथ संकल्प पूजन” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान सोमनाथ की प्रतिकृति पार्थिव ज्योतिर्लिंग की स्थापना कर जलाभिषेक एवं पूजन किया गया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सोमनाथ और काशी भारत की सनातन चेतना के दो अमर प्रतीक हैं। पश्चिम में स्थित सोमनाथ और पूर्व की आध्यात्मिक राजधानी काशी मिलकर भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर हर बार पुनः उसी दिव्यता और आत्मविश्वास के साथ खड़ा हुआ, जो भारत की अटूट आस्था और सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति पर आक्रमण तो हो सकते हैं, लेकिन उसे कभी पराजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने सोमनाथ और काशी विश्वनाथ जैसे तीर्थों को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना आज भी अडिग है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और अयोध्या धाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास को “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना का सशक्त उदाहरण बताया।

कार्यक्रम में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर मंत्री , , , सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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