
वाराणसी। स्थित मालवीय प्रतिमा के पास मंगलवार को नगर निगम के सफाईकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। विरोध जताने के लिए कर्मचारियों ने सड़क पर कूड़ा फैला दिया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते लंका क्षेत्र के कई हिस्सों में गंदगी फैल गई, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों का कहना था कि वे प्रतिदिन सुबह से देर शाम तक शहर की साफ-सफाई में लगे रहते हैं और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त वेतन नहीं मिल रहा और भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अन्य विभागों के कर्मचारियों के वेतन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जबकि उनका वेतन वर्षों से नहीं बढ़ाया गया।
सफाईकर्मियों ने बताया कि पहले से ही कम वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था, ऊपर से अब वेतन में कटौती भी की जा रही है। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई के बीच बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना बेहद कठिन हो गया है।
धरने में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं काशी के सांसद ने कई बार सफाईकर्मियों का सम्मान किया है और स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाया है, लेकिन नगर निगम प्रशासन उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। कर्मचारियों का कहना था कि सम्मान की बातें तो होती हैं, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, वेतन वृद्धि नहीं हुई और समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे शहर की सफाई व्यवस्था ठप करने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने साफ कहा कि वेतन वृद्धि, समय पर भुगतान और वेतन कटौती बंद कराने की मांग को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सफाईकर्मी शामिल रहे। लगातार नारेबाजी के बीच प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की गई। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और यातायात भी प्रभावित हुआ।
