वाराणसी के महमूरगंज क्षेत्र में नाला सफाई कार्य में भारी लापरवाही सामने आने पर नगर आयुक्त ने सख्त कार्रवाई की। औचक निरीक्षण के दौरान नालों से निकली सिल्ट सड़क पर पड़ी मिलने पर कार्यदायी संस्था मेसर्स समर्थ इंटरप्राइजेज पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में क्षेत्रीय अवर अभियंता पंकज पटेल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
निरीक्षण के दौरान डॉ. ऊषा गुप्ता हॉस्पिटल मार्ग और आसपास की कॉलोनियों में नाला सफाई की स्थिति असंतोषजनक मिली। नगर आयुक्त ने कहा कि सफाई के बाद निकली सिल्ट को तत्काल ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर तिरपाल से ढकते हुए निर्धारित स्थल तक पहुंचाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि सूखी सिल्ट धूल बनकर दोबारा नालों में गिरती है, जिससे नाले फिर चोक हो जाते हैं।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई दुकानदारों और भवन स्वामियों ने नालों के ऊपर पक्का अतिक्रमण कर रखा है, जिससे सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। इस पर नगर आयुक्त ने जोन स्तर पर विशेष टीमों के गठन के निर्देश दिए और अतिक्रमणकारियों को तत्काल चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर जुर्माना और कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने कहा कि नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और शहर में यातायात भी सुचारू रहेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सफाई निरीक्षक और नाला सफाई से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे।
