
“जनकल्याण की कामना से काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर उतारी गई आरती”
सावन के प्रथम सोमवार को नमामि गंगे में भव्य गंगा द्वार से जन कल्याण की कामना कर बाबा विश्वनाथ और मां गंगा की भव्य आरती उतारी । जनहितकारी भगवान शिव शंकर से समृद्धिशाली , विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए गुहार लगाई। मां गंगा सहित अन्य सहायक नदियों के निर्मलीकरण की कामना की गई । भक्तों के भाव से काशी विश्वनाथ धाम का गंगा द्वार बम- बम हो गया । हर हर महादेव शंभू काशी विश्वनाथ गंगे का उद्घोष चहुंओर गूंजता रहा । नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर ने कहा कि देश की प्रगति और खुशहाली के लिए हमने श्रीकाशी विश्वनाथ जी और मां गंगा का विशेष पूजा-अर्चना किया है। देवाधिदेव महादेव जन कल्याणकारी हैं। जब भी त्रिभुवन पर संकट के बादल छाते हैं देवाधिदेव उस संकट को आत्मसात कर लेते हैं। पुण्य सावन माह के प्रथम सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ और मां गंगा की आरती करके हमने जन कल्याण की कामना की है। गंगा जल संरक्षण हेतु काशीपुराधिपति का गंगाभिषेक किया है। आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, सीमा पटेल, करिश्मा पटेल, राजू वर्मा, चैतन्य राजपूत, प्रमोद, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे ।
