वाराणसी। सावन के महीने में गुरुवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने काशी का मौसम पूरी तरह बदल दिया। करीब 51 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होने से अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़ककर 31 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। लगातार बारिश के चलते जिले में वर्षा का घाटा भी घटकर 42 प्रतिशत से 30 प्रतिशत रह गया, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
हालांकि बारिश ने राहत के साथ मुश्किलें भी बढ़ा दीं। रोहनिया, डीआरएम कार्यालय, कैंट रेलवे स्टेशन, बीएचयू, लंका, कमच्छा, अंधरापुल और लहुराबीर समेत कई इलाकों में सड़कों पर करीब एक फीट तक पानी भर गया। कई कॉलोनियों और गलियों में जलभराव होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तेज बारिश के साथ 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण रोहनिया क्षेत्र में एक पेड़ बिजली के खंभे पर गिर गया, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली।
बारिश और जलभराव का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। महमूरगंज-मंडुवाडीह, गिरजाघर-रथयात्रा, रथयात्रा-गुरुबाग, लंका-समनेघाट और मंडुवाडीह-कंचनपुर मार्गों पर घंटों जाम लगा रहा। गुरुबाग क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगा।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसून के प्रभाव से पूर्वांचल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
