
वाराणसी। अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। एयरपोर्ट से लेकर शहर की सड़कों तक ‘हर-हर महादेव’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से माहौल गूंज उठा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा शहर स्वागत होर्डिंग, कटआउट और सजावट से सजा नजर आया।
बीएलडब्ल्यू मैदान में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने हजारों महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि काशी दिव्य शक्तियों की भूमि है और यहां का माहौल नारी शक्ति के इस समागम से और भी पवित्र हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “नारी शक्ति ही नए भारत की असली ताकत है। जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो देश और समाज दोनों आगे बढ़ते हैं।” उन्होंने महिलाओं की भागीदारी को नीति-निर्माण में बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई और महिला आरक्षण को लागू करने पर जोर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने काशी के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शहर में बुनियादी सुविधाओं, सड़कों, घाटों और पर्यटन के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल नहीं चाहते कि महिलाएं राजनीति में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “नारी शक्ति के सम्मान” के सिद्धांत पर काम कर रही है और बिना भेदभाव के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें “नए भारत का निर्माता” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और काशी वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की आधी आबादी के मन में विपक्ष के खिलाफ नाराजगी है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को वह सम्मान दिया है, जो पहले नहीं मिला। उन्होंने उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने में नितिन नबीन और केंद्रीय मंत्री के साथ पूजा-अर्चना की।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और महिला समूहों की भागीदारी देखने को मिली।
