उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी प्रकार की घबराहट या अतिरिक्त खरीदारी की जरूरत नहीं है।

राज्य स्तरीय समन्वयक, ऑयल इंडस्ट्री, उत्तर प्रदेश के अनुसार प्रदेशभर में ईंधन आपूर्ति की पूरी व्यवस्था सुचारु रूप से काम कर रही है। टर्मिनल, डिपो और पेट्रोल पंपों तक सप्लाई चेन बिना किसी रुकावट के संचालित हो रही है। राज्य में वर्तमान में 13,168 पेट्रोल पंप और 28 सप्लाई डिपो सक्रिय हैं।

तेल कंपनियों के अनुसार प्रतिदिन औसतन 20 टीकेएल पेट्रोल और 33 टीकेएल डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। डिपो और रिटेल आउटलेट्स पर इतना स्टॉक मौजूद है कि औसतन 14 दिनों तक की मांग पूरी की जा सकती है। साथ ही रिफाइनरियों से लगातार नए स्टॉक की आपूर्ति भी जारी है।

एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति भी सामान्य बनी हुई है। प्रदेश के करीब 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं को 4,143 वितरकों और 36 बॉटलिंग प्लांट्स के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं। प्रतिदिन लगभग 8 लाख एलपीजी रिफिल उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा रही हैं। तेल कंपनियों ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है और अस्पताल, रेलवे, रक्षा प्रतिष्ठान, होटल तथा शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए भी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

एलपीजी सेवाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लगभग 95 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यमों से हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) व्यवस्था का पालन भी बड़े स्तर पर किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे डिजिटल माध्यम से ही बुकिंग करें और सुरक्षित वितरण के लिए डिलीवरी के समय डीएसी साझा करें।

तेल कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और ईंधन की उपलब्धता संबंधी जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही प्राप्त करें।


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