
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 37 सांसदों के साथ जलपान पर मुलाकात की। इस बैठक में पहली बार चुने गए सांसदों के साथ-साथ अन्य दलों से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद भी मौजूद रहे। बैठक में बिहार सरकार के मंत्री एवं भाजपा नेता नितिन नवीन भी शामिल रहे।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से आत्मीय संवाद करते हुए जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी जिम्मेदारियों और आचरण पर विस्तार से चर्चा की।
जलपान में शामिल सांसदों के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी गलत मसले में उलझने से बचें और किसी प्रकार की अनुचित मेहमाननवाजी स्वीकार न करें। उन्होंने आगाह किया कि कई लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए संपर्क करेंगे, इसलिए हमेशा सतर्क रहें।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को यह भी सलाह दी कि अपना लेटर पैड और हस्ताक्षर किसी भी गलत हाथ में न जाने दें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास जीतना सबसे बड़ी पूंजी है, इसलिए सभी वर्गों से लगातार संवाद बनाए रखें।
युवाओं का विशेष उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समाधान का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि संवाद ही समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है।
