
वाराणसी। डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन निवेश के बढ़ते चलन के साथ साइबर अपराधियों के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को वाराणसी नगर निगम के आयुक्त सभागार में ‘निवेशक जागरूकता एवं वित्तीय साइबर सुरक्षा’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई), लखनऊ की ओर से किया गया, जिसमें नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर ठगी से बचाव तथा सुरक्षित निवेश के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यशाला में सेबी के विषय विशेषज्ञ वीके गुप्ता ने कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है। साइबर ठग लोगों को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर डराते हैं और पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या आकर्षक निवेश ऑफर पर भरोसा नहीं करना चाहिए। बैंक, सेबी या कोई भी सरकारी संस्था कभी भी फोन पर ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी नहीं मांगती।
उन्होंने लोगों से केवल सेबी में पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही निवेश करने की अपील की। साथ ही बताया कि यदि किसी के साथ वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होती है, तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते ठगी गई राशि को होल्ड कराया जा सके। इसके अलावा केंद्र सरकार के ‘चक्षु’ पोर्टल और ऐप के माध्यम से भी संदिग्ध कॉल और साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों ने सुरक्षित निवेश और भविष्य की वित्तीय योजना पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीपीएफ सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है, जबकि सेबी पंजीकृत म्यूचुअल फंड और एसआईपी के जरिए छोटी-छोटी बचत को लंबे समय में बड़े फंड में बदला जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने कहा कि बदलते समय में साइबर अपराधियों के तरीके लगातार बदल रहे हैं। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को सतर्क रहते हुए अपनी मेहनत की कमाई का सुरक्षित और सही निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।
कार्यशाला में मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय प्रताप सिंह, संस्कृति शर्मा सहित नगर निगम के अनेक अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक, मोहर्रिर, नायब मोहर्रिर और सुपरवाइजर मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भैया लाल ने किया।
