निरस्त होंगे शास्त्रीनगर मार्केट के दुकानों के आवंटन

वीडीए ने अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार की, अंतिम निर्णय वीसी पूर्ण बोरा लेंगे विशेष प्रतिनिधि

वाराणसी(काशीवार्ता)। वाराणसी विकास प्राधिकरण सिगरा शास्त्रीनगर के उन दुकानों का आवंटन निरस्त कर सकता है जिन्होंने या तो आवंटन के विपरीत जाकर व्यवसायिक गतिविधियां प्रारम्भ की हैं या अतिक्रमण कर अपनी दुकानों का क्षेत्रफल बढ़ा लिया है।इस संबंध में प्राधिकरण द्वारा गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट संपत्ति विभाग को सौंप दी है। संपत्ति विभाग से यह रिपोर्ट उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा का समक्ष रखी जाएगी। इस संबंध में अंतिम निर्णय वीसी को लेना है। जानकार बताते हैं कि वीसी इस मामले में कड़ा निर्णय ले सकते हैं, जिसमे आवंटन का निरस्तीकरण भी शामिल है।

ज्ञात हो कि शिकायतों के बाद वीसी ने ख़ुद शास्त्रीनगर मार्केट का मुआयना किया था।उन्हें मार्केट में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली थी।जिसके बाद उन्होंने अपर सचिव गुड़केश शर्मा के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन कर जांच का आदेश दिया था। कमेटी ने पाया कि शास्त्रीनगर में तीन तरह से लोगों ने अनियमिताएं की हैं।पहली श्रेणी में वे लोग हैं जिन्होंने अपने आवासीय संपत्ति में भू प्रयोग के बिपरीत व्यवसायिक निर्माण कर दुकाने बना ली है।दूसरी श्रेणी में वे लोग हैं, जिन्होंने आवासीय सम्पत्ति में सेट बैक कवर कर अपने आवास का क्षेत्रफल बढ़ा लिया है। तीसरी श्रेणी उन लोगो की है जिन्होंने दुकानों के आगे सार्वजनिक उपयोग के बरामदे को कब्जा कर दुकानों का क्षेत्रफल बढ़ा लिया है। इसके अलावा एकाध लोगों ने प्राधिकरण द्वारा छोड़े गए सेटबैक को कब्जा कर दुकाने बना ली है।

प्राधिकरण सूत्रों ने बताया कि जिन्होंने बरामदा कब्जा किया या आवासीय संपत्ति में व्यवसायिक निर्माण करा लिया है उनके आवंटन निरस्त किए जा सकते हैं। सिर्फ उन्ही निर्माणों को शमन शुल्क लगा कर नियमित किया जाएगा जो आवासीय संपत्ति में बिना भूप्रयोग बदले सेट बैक में निर्माण करा लिया है।

ज्ञात हो कि शास्त्रीनगर मार्केट में तकरीबन डेढ़ सौ दुकाने हैं। इसमें एकाध को छोड़ कर सबने बरामदा कब्जा कर दुकाने आगे बढ़ा ली हैं। इसके चलते नगर निगम को दस फीट का फुटपाथ अलग से बनाना पड़ा। इससे मार्केट के सामने यातायात की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। प्राधिकरण सूत्रों ने बताया कि सर्वप्रथम सभी अतिक्रमणकारियों और अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर अतिक्रमण स्वतः हटाने का निर्देश दिया जाएगा। ऐसा न करने पर आवंटन निरस्त कर प्राधिकरण द्वारा अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। अपर सचिव गुड़केश शर्मा का कहना है कि कमेटी की बैठक में सभी अवैध निर्माणों को सूचीबद्ध किया गया है।

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