वाराणसी । मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। लगातार हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 61.84 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
मौसम के लिहाज से भी वाराणसी में बादलों का असर बना हुआ है। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा की गति करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वातावरण में नमी 83 प्रतिशत होने के कारण उमस का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
लो प्रेशर के कारण सक्रिय हुआ मानसून
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार बंगाल की खाड़ी और आसपास सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है। इसके चलते वाराणसी समेत आसपास के जिलों में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बने लो प्रेशर क्षेत्र के कारण मानसून फिर सक्रिय हुआ है। लोगों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
घाटों पर बढ़ा गंगा का पानी, 50 से 60 मंदिर जलमग्न
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब घाटों पर दिखाई देने लगा है। नदी किनारे स्थित करीब 50 से 60 छोटे मंदिर पानी में डूब चुके हैं। हालांकि अभी तक प्रमुख घाटों का आपसी संपर्क पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ है और श्रद्धालु सीमित रूप से घाटों तक पहुंच पा रहे हैं।
जलस्तर में लगातार वृद्धि और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जल पुलिस ने गंगा में चलने वाली छोटी नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं और नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
