मासूम की चीख बनी आखिरी आवाज! सोते समय कोबरा ने डसा, दीवार तोड़ी तो निकला मौत का सौदागर

वाराणसी (काशीवार्ता): रोहनिया थाना क्षेत्र के बसंतपट्टी गांव की राजभर बस्ती में शनिवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। घर में माता-पिता के साथ चौकी पर सो रहे तीन वर्षीय मासूम आयुष की जहरीले कोबरा सांप के डसने से मौत हो गई। बाद में जब परिजनों ने कमरे की दीवार तोड़ी तो उसमें छिपा जहरीला कोबरा मिला, जिसे ग्रामीणों ने मार डाला।

जानकारी के अनुसार रविंद्र राजभर का तीन वर्षीय पुत्र आयुष शनिवार भोर करीब तीन बजे अचानक जोर-जोर से रोने लगा। कुछ ही देर में उसके मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेहोश हो गया। परिजनों को आशंका हुई कि किसी जहरीले जीव ने उसे काट लिया है। आनन-फानन में उसे लोहता क्षेत्र स्थित सीटकहवा बाबा मंदिर के पास क्रिश्चियन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर बताते हुए चिकित्सकों ने उसे अन्यत्र ले जाने की सलाह दी।

इसके बाद परिजन बच्चे को गाजीपुर जिले के अमवा स्थित सती माई मंदिर लेकर पहुंचे, जहां झाड़-फूंक भी कराई गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बेटावर घाट पर पहुंचकर केले के तने से शव बांधकर गंगा में प्रवाहित कर दिया।

घर लौटने पर परिजनों ने उस स्थान का निरीक्षण किया जहां आयुष सोया था। कमरे की दीवार में एक बिल दिखाई देने पर उसे तोड़ा गया, जिसमें जहरीला गेहूवन (कोबरा) सांप छिपा मिला। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सांप को मार डाला।

मृतक आयुष अपने पिता रविंद्र राजभर के तीन बेटों में दूसरे नंबर का था। इस हृदयविदारक घटना के बाद माता उषा देवी, पिता रविंद्र राजभर और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई।

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