वाराणसी में चौथे दिन CJP के विरोध को लेकर अलर्ट: स्टूडेंट्स बोले- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में लगातार चौथे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। विश्वविद्यालय के सिंहद्वार सहित पूरे परिसर में पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीमें पूरी तरह सतर्क रहीं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि ड्रोन कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी की गई।

प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर विशेष नजर रखी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के बीच दूसरी दौर की वार्ता होने जा रही है। इधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया।

एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय परिसर अथवा उसके आसपास किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन बिना अनुमति प्रदर्शन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीमें प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कर रही हैं। पुलिस के साथ स्थानीय खुफिया इकाई की टीमें काशी विश्वनाथ मंदिर, मधुबन पार्क और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर निगरानी बनाए हुए हैं। परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों की भी सघन जांच की जा रही है।

दूसरी ओर, बीएचयू के छात्रों में शिक्षा व्यवस्था और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर नाराजगी देखी गई। छात्रों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि हर घटना के बाद जांच और कार्रवाई की घोषणा तो होती है, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते।

पेपर लीक पर कड़े कानून की मांग

वाराणसी के भगवानपुर क्षेत्र में नीट, जेईई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों तथा बीएचयू के पूर्व छात्रों ने ‘पेपर लीक की समस्या और समाधान’ विषय पर संवाद आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्रों ने संसद से पेपर लीक रोकने के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाने की मांग की।

बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री डॉ. सूबेदार सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में दो बार नीट परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप सामने आया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाने की मांग की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल मंत्री बदलने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

डॉ. सिंह का कहना था कि पेपर लीक के पीछे सक्रिय नेटवर्क और इसमें शामिल संस्थानों पर कठोर कार्रवाई किए बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने संसद से मांग की कि पेपर लीक कराने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान करने वाला प्रभावी कानून बनाया जाए।

TOP

You cannot copy content of this page