वाराणसी। सावन माह की शुरुआत के साथ शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन शिवपुर स्थित ऐतिहासिक पांचों पांडव मंदिर में अतिक्रमण हटाने के बाद छोड़ा गया मलबा अब तक नहीं हटाया गया है। मंदिर परिसर में फैले मलबे और क्षतिग्रस्त गुंबद के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मलबे और कीचड़ के बीच दर्शन करने को मजबूर श्रद्धालु
स्थानीय लोगों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद मंदिर परिसर में छोड़ा गया मलबा अभी तक साफ नहीं किया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण मलबे के आसपास कीचड़ जमा हो गई है, जिससे श्रद्धालुओं का मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि मलबे के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है। सावन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए यहां पहुंचते हैं, ऐसे में यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
गुंबद क्षतिग्रस्त होने पर लोगों में नाराजगी
अतिक्रमण हटाने के दौरान मंदिर का एक हिस्सा और गुंबद भी क्षतिग्रस्त हो गया। क्षेत्रीय समाजसेवी कमलेश केशरी और चंदन यादव ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में हजारों श्रद्धालु मंदिर आते हैं। ऐसे समय परिसर में मलबा पड़ा रहना और गुंबद का क्षतिग्रस्त होना धार्मिक आस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने नगर निगम से तत्काल मलबा हटाने, साफ-सफाई कराने और क्षतिग्रस्त गुंबद की मरम्मत कराने की मांग की।
महंत और स्थानीय लोगों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
मंदिर के महंत रमेश तिवारी और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि सावन के पहले सोमवार से पहले मंदिर परिसर से मलबा हटाया जाए तथा क्षतिग्रस्त गुंबद की अस्थायी मरम्मत कर मंदिर को पूरी तरह सुरक्षित और पूजा-अर्चना के योग्य बनाया जाए। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक आस्था को देखते हुए संबंधित विभागों को बिना देरी आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सावन के दौरान किसी भी भक्त को परेशानी का सामना न करना पड़े।
