लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। मेरठ में सबसे अधिक 80.8 मिमी, बिजनौर में 80 मिमी, शाहजहांपुर और कानपुर में 79-79 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा लखीमपुर खीरी, अलीगढ़, मुरादाबाद समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के 15 जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। वहीं 44 अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है। इसके प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि 30 जुलाई से अगले चार से पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि तीन और चार अगस्त के आसपास मानसून ट्रफ के फिर उत्तर की ओर खिसकने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर व्यापक और अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
