वाराणसी, 07 अगस्त। मानसून के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और परेशानी मुक्त रेल यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन ने शुक्रवार को बनारस कोचिंग डिपो का गहन निरीक्षण कर एसी कोचों की गुणवत्ता और अनुरक्षण व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने सिक लाइन में अनुरक्षण के लिए खड़े वातानुकूलित (एसी) कोचों की बारीकी से जांच की। उन्होंने विशेष रूप से वर्षा ऋतु में कोचों में होने वाले जल रिसाव (लीकेज) और वर्षा जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान कोचों की छत, दरवाजों, खिड़कियों और अन्य संवेदनशील हिस्सों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया, ताकि बारिश के दौरान यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
डीआरएम आशीष जैन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी एसी कोचों में जल रिसाव की संभावनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरी तरह समाप्त किया जाए। साथ ही वर्षा के पानी की समुचित निकासी सुनिश्चित कर प्रत्येक कोच को पूरी तरह फिट और यात्रियों की सेवा के लिए तैयार रखा जाए।
उन्होंने वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) कुंवर सिंह यादव तथा संबंधित वरिष्ठ पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक अनुरक्षण और सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। डीआरएम ने कहा कि मानसून के दौरान यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रत्येक तकनीकी बिंदु पर विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि रेल यात्रा सुरक्षित, सुगम और आरामदायक बनी रहे।
