वाराणसी में साहित्य का अपमान, कवि धूमिल की मूर्ति तोड़ी, अज्ञात उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज

वाराणसी। लोहता थाना क्षेत्र के ग्राम सभा विट्ठलपुर में रविवार को हिन्दी के प्रसिद्ध जनकवि सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ की मूर्ति को अराजक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। धूमिल तोरण द्वार के पास स्थापित मूर्ति को तोड़े जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और घटना पर नाराजगी जताई।

सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और आसपास के हालात का जायजा लिया। मामले में जिला पंचायत सदस्य सुनील सिंह ने लोहता थाने में लिखित तहरीर देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मूर्ति का पुनर्निर्माण कर जल्द दोबारा स्थापित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

ग्रामीणों ने इस घटना को साहित्य और संस्कृति का अपमान बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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