
वाराणसी (काशीवार्ता)। वीवीआईपी और वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को वाराणसी में सर्किट हाउस परिसर में हाई-लेवल संयुक्त सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पूर्व निर्धारित अभ्यास के तहत जैसे ही सर्किट हाउस में हल्के विस्फोट की सूचना प्रसारित हुई, पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं और कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
मॉक ड्रिल की शुरुआत पुलिस लाइन से हुई, जो काल भैरव मंदिर, कबीरचौरा और सर्किट हाउस होते हुए पुनः पुलिस लाइन पहुंचकर संपन्न हुई। निर्धारित परिदृश्य के अनुसार विस्फोट की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके की घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया।
इसके बाद बम निरोधक दस्ता, फॉरेंसिक टीम, अग्निशमन विभाग और खुफिया विभाग ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। संदिग्ध वस्तुओं की जांच, तकनीकी परीक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इस दौरान एनएसजी, मुख्यमंत्री सुरक्षा इकाई और स्थानीय पुलिस ने भी समन्वित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल में डीसीपी महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव, एसीपी प्रोटोकॉल, इंस्पेक्टर कैंट, सिटी मजिस्ट्रेट, मुख्यमंत्री सुरक्षा इकाई के अधिकारी, खुफिया विभाग, बम निरोधक दस्ता, फॉरेंसिक विभाग, अग्निशमन विभाग तथा स्थानीय पुलिस के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वीवीआईपी एवं वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इसी कारण समय-समय पर इस तरह की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं, ताकि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया जा सके। मॉक ड्रिल के समापन पर अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।
