सावन के पहले दिन शिवमय हुई काशी: बाबा के जलाभिषेक को उमड़े श्रद्धालु

वाराणसी। सावन माह के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी काशी पूरी तरह शिवमय हो गई है। देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना लेकर देश के विभिन्न राज्यों से शिवभक्तों और कांवड़ियों का काशी आगमन शुरू हो गया है। विश्वनाथ धाम से लेकर गंगा घाटों तक हर ओर केसरिया रंग की छटा बिखरी हुई है। सावन के दूसरे दिन से ही शहर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी, जबकि श्री काशी विश्वनाथ धाम में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं।

विश्वनाथ धाम से लेकर दशाश्वमेध घाट तक “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। चितरंजन पार्क स्थित विश्राम स्थल पर बड़ी संख्या में रखी कांवड़ें इस बात का प्रमाण थीं कि दूर-दराज से आए शिवभक्त आसपास के क्षेत्रों में ठहरे हुए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के चलते प्रशासन ने घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

झांकी दर्शन की व्यवस्था लागू

श्रावण मास में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने पहले ही दिन से झांकी दर्शन की व्यवस्था लागू कर दी है। मंगला आरती के बाद मंदिर के चारों द्वारों पर विशेष पात्र रखे गए हैं, जिनमें श्रद्धालु जल और दूध अर्पित कर रहे हैं। इससे गर्भगृह में भीड़ नियंत्रित रखने के साथ अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने में सुविधा मिल रही है। सावन के दौरान सामान्य श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है।

मंगला आरती में शामिल हुए 350 से अधिक श्रद्धालु

श्रावण प्रतिपदा की मंगला आरती में 350 से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु भी शामिल रहे। कॉरिडोर से मुख्य मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। धूप और बारिश से बचाव के लिए कनात लगाए गए हैं तथा जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सातों द्वारों से मिला प्रवेश

श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सभी सातों प्रवेश द्वार खोले गए हैं। दर्शनार्थियों को गेट नंबर-4, काशी द्वार 4-बी, नंदूफारिया लेन द्वार, सिल्को द्वार (गेट नंबर-4ए), ढुंढिराज द्वार, सरस्वती फाटक द्वार तथा भैरव द्वार से प्रवेश और निकास की सुविधा दी जा रही है। सुरक्षा कर्मी, पुलिस और स्वयंसेवक पूरे मार्ग पर लगातार व्यवस्था संभाल रहे हैं।

योगी अखाड़ा परिवार का एक माह का भंडारा

सावन के पावन अवसर पर योगी अखाड़ा परिवार की ओर से अस्सी घाट मार्ग स्थित परिसर में एक माह तक चलने वाली अन्नपूर्णा सेवा का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम महाराज के सान्निध्य में मंत्रोच्चार के साथ सेवा प्रारंभ हुई। उन्होंने बताया कि पूरे सावन माह श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन और आवश्यक सहयोग की व्यवस्था रहेगी। पहले ही दिन बड़ी संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

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