
श्रवण सिंह (फ़ाइल फ़ोटो)
वाराणसी। प्रमुख समाजसेवी, शिवपुर रामलीला समिति के पूर्व मंत्री एवं स्थानीय व्यापार मंडल के संस्थापक मंत्री श्रवण सिंह का शुक्रवार दोपहर हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह लगभग 75 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक एवं नागरिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई।
श्रवण सिंह ने शिवपुर रामलीला समिति में लगातार 27 वर्षों तक मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालते हुए समिति के विकास और आयोजन को नई पहचान दिलाई। इसके अलावा वे स्थानीय व्यापार मंडल के संस्थापक मंत्री भी रहे। नागरिक सुरक्षा संगठन में उन्होंने पोस्ट वार्डन से लेकर डिविजनल वार्डन तक विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया और लगभग चार दशकों तक संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। सामाजिक कार्यों के साथ-साथ पत्रकारिता क्षेत्र में भी उनकी विशेष रुचि और सक्रिय सहभागिता रही।
परिजनों के अनुसार शुक्रवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल सारंग तालाब स्थित न्यूरो सिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर शिवपुर स्थित पैतृक आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनके निधन पर क्षेत्र के अनेक सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं गणमान्य लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
श्रवण सिंह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र, एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके छोटे पुत्र राजीव सिंह ‘रानू’ वाराणसी कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं, जबकि बड़े पुत्र अजय सिंह एक प्रतिष्ठित उद्यमी हैं।
परिजनों ने बताया कि श्रवण सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार प्रातः 6 बजे पड़ाव स्थित अघोरेश्वर भगवान राम घाट पर औघड़ परंपरा के अनुसार किया जाएगा।
श्रवण सिंह के निधन से क्षेत्र ने एक सक्रिय समाजसेवी, कुशल संगठनकर्ता, नागरिक सुरक्षा कर्मी और लोकप्रिय व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
