कृष्णशिला CHP कंपनी पर श्रमिकों के आर्थिक शोषण के आरोप, डीएम से जांच की मांग

140 की स्वीकृत मेनपावर के मुकाबले 190 श्रमिकों के नाम पर भुगतान का दावा, ₹17 हजार वापसी और बिना सत्यापन नियुक्ति की शिकायत

बीना /सोनभद्र। एनसीएल कृष्णशिला परियोजना में संचालित CHP/आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर श्रमिकों के आर्थिक शोषण, वेतन भुगतान में कथित अनियमितता और बाहरी व्यक्तियों की नियुक्ति को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। समाजवादी पार्टी युवजन सभा सोनभद्र के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य बबलू धांगर ने जिलाधिकारी सोनभद्र को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी की स्वीकृत मेनपावर करीब 140 श्रमिकों की है, जबकि लगभग 190 श्रमिकों के नाम पर भुगतान किए जाने का दावा किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने करीब 50 अतिरिक्त श्रमिकों के नाम पर दर्शाए गए भुगतान की वास्तविकता की जांच कराने की मांग की है। इसके लिए मस्टर रोल, उपस्थिति रजिस्टर, वेतन बिल, बैंक भुगतान और एनसीएल को प्रस्तुत किए गए बिलों का मिलान कराने के साथ विशेष ऑडिट की मांग की गई है।

शिकायत में कुछ श्रमिकों को पूरा वेतन बैंक खाते में भेजे जाने के बाद कथित रूप से करीब 17 हजार रुपये नकद वापस करने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, श्रमिकों के बयान और कंपनी के भुगतान अभिलेखों की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

इसके अलावा निर्धारित अवधि से अधिक कार्य कराने के बावजूद कम दिनों का वेतन दिए जाने और वर्ष 2023 से Leave समेत अन्य वैधानिक भुगतान लंबित होने का भी आरोप लगाया गया है। श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति और भुगतान का मिलान कर बकाया राशि का भुगतान कराने की मांग की गई है।

मामले में परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में कुछ बाहरी व्यक्तियों को कथित रूप से बिना समुचित पुलिस, चरित्र और पहचान सत्यापन के परियोजना में काम पर लगाए जाने की आशंका जताई गई है। सभी बाहरी कर्मियों का पुलिस एवं चरित्र सत्यापन कराने की मांग की गई है।

वहीं, कंपनी से जुड़े कुछ लोगों पर बंद कमरे में कथित पैसों के लेन-देन तथा श्रमिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने या धमकी देने की शिकायतों की भी जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कंपनी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई तथा श्रमिकों के लंबित वैधानिक भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।

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