
वाराणसी में बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने कहा – पहले यही सामग्री, यही पैसा सपाई खाकर डकार जाते थे
जिन किसानों की फसल डूबी है, उनका सर्वे कर मुआवजा देने का आदेश
10 वर्ष पहले 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे
सीएम बोले, जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी स्कीम लाती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है, गरीब को उसका हक उपलब्ध करवाती है
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर वितरित की राहत सामग्री
लखनऊ/वाराणसी, 5 सितंबर। वाराणसी के विद्या विहार इण्टर कॉलेज में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे और दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, इतनी राहत सामग्री पहले नहीं मिलती थी। तब एक सूखी ब्रेड मिलती थी और हम देते हैं 50 किलो की किट, जिसमें 26 प्रकार के सामान होते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की डूबी फसलों का सर्वे किया जा रहा है। उन्हें भी मुआवजा देने के आदेश कर दिए गए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि उस समय न बच्चों के लिए दूध था, न गर्म भोजन, न राशन और न डिग्निटी किट। यही सामग्री या यही पैसा 2017 के पहले ये सपाई सब खा जाते थे। गरीब का हक खाकर डकार जाते थे। जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी स्कीम लेकर आती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है और गरीब को उसका हक उपलब्ध करवाती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत वर्ष भी मुझे इस विद्यालय परिसर में आकर राहत कार्यों की समीक्षा करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने क्या व्यवस्थाएं की हैं, इनका निरीक्षण करने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और राहत सामग्री का भी वितरण किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष वरुणा नदी में जब गंगा जी का जलस्तर बढ़ता है तो वरुणा नदी बैक फ्लो करती है और उसके कारण निचले क्षेत्र में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है। आज से 10 साल पहले इसी सीजन में भीषण जलजमाव से लोगों का आवागमन बाधित होता था, उन्हें परेशानी होती थी। उन्होंने कहा कि आज मेरे साथ बाढ़ नियंत्रण के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह साथ में हैं। पिछले नौ-साढ़े नौ वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, उसके परिणाम वाराणसी में भी देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए नए कलेवर के रूप में एक नई काशी का हम सब दर्शन कर रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम हो, काशी के घाट हों, काशी के अंदर रेलवे स्टेशन हो, बस स्टेशन हो, एयरपोर्ट हो, सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य हो, रिंग रोड का कार्य हो, जनता को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का कार्य हो या बाढ़ पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए किए गए उपाय हों, ये सभी आज काशी में देखने को मिल रहे हैं। जिस प्रदेश में आज से 10 वर्ष पहले दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे, आज इस बात को देखकर संतुष्टि होती है कि कुल मिलाकर 14 ऐसे जिले हैं, जहां आज पानी थोड़ा-बहुत आया है। उन क्षेत्रों का हम दौरा कर राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं।
किट में 26 प्रकार के सामान हर प्रभावित परिवार को उपलब्ध करवाए जा रहे
सीएम ने कहा कि व्यापक स्तर पर पूरा जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी युद्ध स्तर पर राहत कार्य के साथ जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो पैसा भेजा है, आपदा राहत निधि से उसी पैसे से सारी व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं। इस किट में ढाई किलो लाई, कच्चा चना दो किलो, भुना चना दो किलो, चीनी एक किलो, 10 पैकेट बिस्किट, माचिस एक पैकेट, मोमबत्ती एक पैकेट, नहाने के दो साबुन, ढक्कनदार बाल्टी, तिरपाल, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर दाल, 10 किलो आलू। हल्दी, मिर्च, मसाले, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़ा धोने के दो साबुन, एक तौलिया, एक सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, एक मग और 100 मिलीलीटर डिटॉल या सेवलॉन। यह 26 प्रकार के आइटम हर प्रभावित परिवार को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
मौत पर 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवार को राहत की व्यवस्था
सीएम योगी ने कहा कि पानी का फैलाव होता है तो सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों के द्वारा काटने की शिकायतें आती हैं। मनुष्य और वन्यजीव संघर्ष के कारण भी बहुत सारी जगह जनहानि की शिकायतें आती हैं। मकान ढहने या बिजली गिरने से भी समस्याएं आती हैं। इन सबको भी आपदा राहत के रूप में शामिल किया गया है। किसी की डूबने से मौत हो गई, आकाशीय बिजली से असामयिक मौत हो गई, किसी किसान की खेत में काम करते समय, बटाईदार के खेत में काम करते समय या उनके परिवार के सदस्य की खेत में काम करते समय मौत हो गई, तो आपदा राहत निधि से अगले 24 घंटे के अंदर उस परिवार को चार लाख रुपये की सहायता हर हाल में मिल जाए, यह व्यवस्था कर दी गई है।
किसी गरीब का मकान जल गया, किसी गरीब का मकान बाढ़ में बह गया या बाढ़ में टूट गया, तो उसको तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना में एक आवास उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है कोई भेदभाव किसी के साथ नहीं करती, सबको उसका अधिकार मिले और यही अधिकार देने के लिए और समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री के निर्देश पर आज वे यहां पर आए हैं।
21 राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के रहने की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं, जिनमें 2,486 नागरिक रह रहे हैं और 21 राहत शिविरों में इन सभी को रखने की व्यवस्था की गई है। सभी प्रकार की सुविधाएं वहां उपलब्ध करवाने के साथ ही यहां पर बचाव के लिए 48 नाव, एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीम भी 24 घंटे उन क्षेत्रों में सक्रिय की गई हैं। बाढ़ से बचाव के लिए मेडिकल शिविर लगाए जा रहे हैं। जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उन्हें आयुष्मान कार्ड और मुफ्त में दवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। 1,129 किसान ऐसे हैं, जिनकी 131 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हुई है। उसका सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे करवाने के बाद उनको भी हम राहत सामग्री उपलब्ध करवाने का काम करेंगे। ये सभी कार्य इसीलिए संभव हो पाया है, क्योंकि काशी ने देश की संसद में एक सुयोग्य प्रतिनिधि सांसद बनाकर भेजा है। यह हमारा सौभाग्य है कि काशी के सांसद पूरे देश को प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व दे रहे हैं।
डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी
सीएम ने आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे हर नागरिक के जीवन में परिवर्तन लाया जा सके। 24 घंटे कंट्रोल रूम के माध्यम से एक-एक गतिविधि की जानकारी लेकर हर जरूरतमंद तक उसकी आवश्यकता के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य डबल इंजन की सरकार करेगी।
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के मंत्री रविंद्र जायसवाल, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक पिंडरा डॉ. अवधेश सिंह, विधायक कैंट सौरभ श्रीवास्तव, विधायक अजगरा त्रिभुवन राम आदि उपस्थित थे।
