वृंदावन । नेपाल के दो नाबालिग भाई-बहन संत प्रेमानंद महाराज के ऑनलाइन प्रवचनों से इतने प्रभावित हुए कि स्कूल जाने का बहाना बनाकर अकेले ही वृंदावन पहुंच गए। लोगों की सूचना पर पुलिस ने दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द कर दिया और उनके परिजनों से संपर्क किया।
नेपाल के रुपनदेही जिले के रहने वाले 13 वर्षीय बालक, जो कक्षा छह में पढ़ता है, और उसकी सात वर्षीय बहन, जो एलकेजी की छात्रा है, ने संत प्रेमानंद महाराज से मिलने की योजना बनाई। 24 जुलाई की सुबह दोनों स्कूल बैग में कपड़े रखकर घर से स्कूल जाने के लिए निकले, लेकिन नेपाल सीमा पार कर उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के नौतनवा रेलवे स्टेशन पहुंच गए। वहां से उन्होंने 35 रुपये में गोरखपुर तक का रेल टिकट खरीदा।
गोरखपुर से दोनों ट्रेन के जरिए मथुरा पहुंचे और रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा लेकर शनिवार देर शाम वृंदावन पहुंच गए। बच्चों ने पुलिस को बताया कि रात में उन्होंने परिक्रमा मार्ग पर घूमते हुए संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम का पता पूछा। इसी दौरान एक आश्रम में प्रसाद स्वरूप भोजन किया और फुटपाथ पर रात बिताई। रविवार सुबह वे संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए निकले, लेकिन रास्ते में लोगों की नजर उन पर पड़ गई।
अटल्ला चुंगी चौराहे पर लोगों ने दोनों से पूछताछ की तो उनकी कहानी सुनकर सभी हैरान रह गए। बच्चों ने बताया कि वे अपने पिता के मोबाइल फोन पर संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुना करते थे। प्रवचनों से प्रभावित होकर वे केवल 100 रुपये लेकर घर से निकले थे, लेकिन वृंदावन पहुंचने के बाद भी उन्हें संत के दर्शन नहीं हो सके।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को कोतवाली ले गई। पुलिस ने उनके पिता से फोन पर संपर्क कर पूरी जानकारी दी और बच्चों को सुरक्षित बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द कर दिया।
