डीसीपी की बैठक के बाद वरुणा जोन में चला विशेष अभियान, 32 पुरुषों और 65 महिलाओं को पुलिस ने खोज निकाला
वाराणसी (काशीवार्ता)। महीनों से अपनों की राह देख रहे परिवारों के लिए वरुणा जोन पुलिस का विशेष अभियान राहत की बड़ी खबर लेकर आया है। गुमशुदा लोगों की तलाश में जुटी पुलिस ने अभियान के दौरान 97 गुमशुदा व्यक्तियों को सकुशल बरामद कर उनके परिवारों तक पहुंचाया। इनमें 32 पुरुष और 65 महिलाएं शामिल हैं। 65 बेटियों की बरामदगी के बाद कई परिवारों में लंबे इंतजार का अंत हुआ और खुशियां लौट आईं।
पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन में चलाए जा रहे इस साप्ताहिक अभियान को गति देने के लिए 3 सितंबर को विशेष बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में लंबित गुमशुदगी के मामलों की समीक्षा करते हुए डीसीपी ने अधिकारियों को अधिक से अधिक लोगों की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद वरुणा जोन के सभी थानों और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीमों ने गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाकर एक के बाद एक मामलों को सुलझाया।
जंसा में सबसे ज्यादा बरामदगी
अभियान के दौरान जंसा थाना पुलिस ने सर्वाधिक 30 गुमशुदाओं को बरामद किया। इनमें 4 पुरुष और 26 महिलाएं शामिल हैं। इसके बाद सारनाथ से 27 लोग बरामद हुए, जिनमें 13 पुरुष और 14 महिलाएं हैं।
मण्डुवाडीह से 18 गुमशुदाओं की बरामदगी हुई, जिनमें 5 पुरुष और 13 महिलाएं शामिल हैं। वहीं शिवपुर से 6, चोलापुर से 6, लालपुर से 4, लोहता से 3, कैंट से 2 और रोहनियां से 1 पुरुष को सकुशल बरामद किया गया।
अब हर गुमशुदा केस की जिम्मेदारी तय
डीसीपी ने अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक लंबित गुमशुदगी के मामले में एक उपनिरीक्षक और एक आरक्षी की जिम्मेदारी तय की है। यानी अब हर गुमशुदा व्यक्ति की तलाश के लिए पुलिसकर्मी सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जिन गुमशुदा लोगों की अभी बरामदगी नहीं हो सकी है, उनकी तलाश भी लगातार जारी है। अभियान को आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस के इस अभियान ने उन परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है, जो लंबे समय से अपने अपनों की वापसी का इंतजार कर रहे थे।
