वाराणसी। काशी में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मंगलवार सुबह से ही मौसम सुहावना बना रहा और दिन चढ़ने के साथ बारिश शुरू हो गई। इस दौरान इस सीजन की सबसे तेज बारिश दर्ज की गई। झमाझम बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे। हालांकि शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
इससे पहले पिछले दो दिनों में वाराणसी में 60 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। तेज बारिश के कारण सीर गोवर्धन, बजरडीहा, जैतपुरा, अंधरापुल, भदऊ चुंगी और महमूरगंज समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, काशी में अब तक कुल 231 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य स्थिति में इस अवधि तक करीब 407 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी द्रोणी अब उत्तर दिशा की ओर खिसक गई है। यह अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में अनूपगढ़, दिल्ली, शाहजहांपुर, छपरा होते हुए नागालैंड तक सक्रिय है। इसके अलावा प्रदेश के दक्षिण-मध्य हिस्से से होकर गुजर रही मानसूनी प्रणाली के कारण गंगा के मैदानी इलाकों में मानसूनी प्रवाह मजबूत बना हुआ है।
मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश में सक्रिय मानसून के प्रभाव से भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, अगले पांच दिनों के लिए भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
