
वाराणसी में प्रस्तावित दौरे के दौरान प्रधानमंत्री करीब 6300 करोड़ रुपये की 160 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें 48 परियोजनाओं का लोकार्पण और 112 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कुल मिलाकर 1052.99 करोड़ रुपये की परियोजनाएं जनता को समर्पित की जाएंगी, जबकि 5216.97 करोड़ रुपये की नई योजनाओं की नींव रखी जाएगी। यह दौरा काशी के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
लोकार्पण की सूची में सबसे प्रमुख परियोजनाओं में 308 करोड़ रुपये की लागत से बना सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), 277.63 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं और 195.92 करोड़ रुपये की विभिन्न निर्माण योजनाएं शामिल हैं। लंबे समय से प्रतीक्षित सोवा-रिग्पा अस्पताल भवन का भी उद्घाटन होगा, जिस पर लगभग 45.91 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अलावा 20 प्रमुख परियोजनाएं लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़ी हैं, जो शहर और ग्रामीण सड़कों को बेहतर बनाएंगी।
रेलवे और शहरी विकास के तहत 2464 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नेचर ब्रिज, 1582.99 करोड़ रुपये की सीवरेज और जल आपूर्ति योजनाएं, 429.30 करोड़ रुपये की एसएसपीजी परियोजना और 198 बेड के अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी प्रस्तावित हैं।
सड़क परियोजनाओं में काली माता मंदिर से आजमगढ़ मार्ग का चौड़ीकरण, पांडेयपुर चौराहे से रिंग रोड तक फोरलेन निर्माण और कई ग्रामीण सड़कों का नवनिर्माण शामिल है। सेतु निगम की ओर से नए पुलों का निर्माण भी कराया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था सुगम होगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दशाश्वमेध घाट से काशी विश्वनाथ मंदिर तक कॉरिडोर क्षेत्र, अस्सी घाट, रविदास पार्क और कई अन्य घाटों का विकास किया जाएगा। नमामि गंगे योजना के तहत घाटों का पुनर्निर्माण और जल शुद्धिकरण कार्य भी किए जाएंगे।
इसके अलावा शिक्षा, बिजली, पेयजल और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाएं भी शामिल हैं। स्मार्ट क्लास, पाइपलाइन से जल आपूर्ति, गोदाम निर्माण और 24 घंटे बिजली आपूर्ति जैसी परियोजनाएं आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
कुल मिलाकर, यह दौरा काशी को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
