महादेव की नगरी में गूंजेगा हर-हर महादेव: अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल समेत विदेशों से आएंगे यजमान

वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी सावन शुरू होते ही पूरी तरह शिवमय हो जाएगी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम सहित शहर के प्रमुख शिवालयों में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी शिवभक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचेंगे। अमेरिका, सिंगापुर, दुबई, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल से श्रद्धालु काशी आकर भगवान शिव का पूजन-अर्चन करेंगे। वहीं पूर्वांचल के अलावा मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल सहित कई राज्यों से वैदिक ब्राह्मण भी अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए काशी पहुंच रहे हैं। इस वर्ष सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है।

सावन मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इसी कारण पूरे महीने काशी के शिवालयों में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, महामृत्युंजय महादेव, मार्कंडेय महादेव, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर, ओंकारेश्वर, शूलटंकेश्वर, रामेश्वर महादेव समेत सभी प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। सोमवार के व्रत, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचेंगे।

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल से पांच-पांच परिवार काशी आ रहे हैं, जो जलाभिषेक और महारुद्राभिषेक के साथ धार्मिक कथाओं का भी श्रवण करेंगे। इसके अलावा वृंदावन, अयोध्या, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, बलिया सहित कई जिलों और मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड व हिमाचल प्रदेश से वैदिक ब्राह्मणों को भी विशेष अनुष्ठानों के लिए आमंत्रित किया गया है। वहीं काशी के कई वैदिक ब्राह्मण अमरकंटक और महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी अनुष्ठान संपन्न कराने जाएंगे।

सावन को लेकर शिवालयों में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रमुख मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग की जा रही है। पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक की व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। पूजन सामग्री की बुकिंग शुरू हो चुकी है और यजमान अपने वैदिक ब्राह्मणों से अनुष्ठानों की तिथियां तय कर रहे हैं। सावन भर श्रीशिव महापुराण, श्रीविष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत और रामचरितमानस कथा का आयोजन भी होगा।

सावन के दौरान रुद्राभिषेक, महारुद्र, सप्तचंडी यज्ञ, रुद्रचंडी जैसे विशेष अनुष्ठान होंगे। लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए महामृत्युंजय महामंत्र का जाप कराया जाएगा। नमक-चमक अनुष्ठान में रुद्राष्टाध्यायी के नमकम् और चमकम् अध्यायों का पाठ होगा, जिसे नकारात्मक ऊर्जा दूर करने, गृहक्लेश समाप्त करने और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। सोमवार के व्रत, कांवड़ यात्रा, पवित्र नदियों के जल से शिवाभिषेक और घर-घर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र के जाप से पूरी काशी सावन भर शिवभक्ति में सराबोर रहेगी।

TOP

You cannot copy content of this page