
वाराणसी। दुर्गाकुंड स्थित श्रीधर्मसंघ शिक्षा मंदिर (मणि मंदिर) में चल रहे 119वें करपात्र प्राकट्योत्सव के दूसरे दिन बुधवार को पूरा परिसर शिवभक्ति में सराबोर रहा। सप्ताहव्यापी आयोजन के तहत मंदिर में सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज के सानिध्य में मुख्य यजमान पं. जगजीतन पाण्डेय सहित अन्य यजमानों ने विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन और अभिषेक किया।
प्रातः 9 बजे 11 वैदिक आचार्यों ने संकल्प के साथ पूजन शुरू कराया। गौरी-गणेश और वरुण कलश पूजन के बाद चलायमान स्फटिक मणि एवं नर्वदेश्वर शिवलिंग का पूजन किया गया। इसके बाद कृष्ण यजुर्वेद के श्री रुद्रम के मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंगों का 101 लीटर दूध से दिव्य अभिषेक किया गया।
अभिषेक के बाद स्फटिक मणि शिवलिंग को विभिन्न फलों के रस, पुष्प, चंदन और गंगाजल से स्नान कराया गया। कमल, गुलाब और गजरा से श्रृंगार के बाद बिल्वपत्र की माला और सहस्त्र दूर्वा से शिवलिंग को सजाया गया। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने शिव स्तुति की।
इस अवसर पर बटुकों ने मंदिर में स्थापित 121 नर्वदेश्वर महादेव और विशाल शिवलिंग का भी पूजन किया। बड़ी संख्या में दंपतियों ने भाग लेकर धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की परंपरा के अनुसार पूजा संपन्न की।
आज होगा करपात्र दीपावली का आयोजन
प्राकट्योत्सव के तीसरे दिन 13 अगस्त, गुरुवार को गोधूलि बेला में करपात्र दीपावली आयोजित होगी। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष स्वामी करपात्री जी महाराज के प्राकट्य दिवस की संख्या के अनुरूप 43,435 दीपक जलाए जाएंगे।
