वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी एक बार फिर सावन के पावन महीने में शिवभक्ति के रंग में सराबोर होने जा रही है। ऐसी संभावना है कि इस बार श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शनार्थियों की संख्या अब तक के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ सकती है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए काशी पहुंचेंगे।
नव्य-भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद बाबा के दरबार का आकर्षण कई गुना बढ़ गया है। विशाल, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त धाम श्रद्धालुओं को सहज दर्शन का अनुभव करा रहा है। यही कारण है कि सामान्य दिनों में भी हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन बाबा के चरणों में शीश नवाने पहुंच रहे हैं, जबकि सावन में यह संख्या लाखों तक पहुंचने की उम्मीद है।
सनातन परंपरा में सावन भगवान शिव का सर्वाधिक प्रिय मास माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस महीने श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसी अटूट विश्वास के साथ हर वर्ष कांवड़िए, शिवभक्त और श्रद्धालु देश के कोने-कोने से काशी का रुख करते हैं।
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन भी संभावित भारी भीड़ को देखते हुए व्यापक तैयारियों में जुटा है। सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि बाबा के दरबार में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम और सुरक्षित दर्शन का लाभ मिल सके।
सावन की शुरुआत के साथ ही काशी की गलियां हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठेंगी। आस्था, श्रद्धा और भक्ति का यह अद्भुत संगम एक बार फिर काशी को शिवमय बना देगा।
