वाराणसी। पति के निधन के बाद जिस परिवार से सहारे की उम्मीद थी, वहीं अब एक विधवा के संघर्ष का सबसे बड़ा कारण बन गया है। शिवपुर थाना क्षेत्र के भरलाई निवासी किरण त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि उनके जेठ सत्यप्रकाश त्रिपाठी उन्हें पैतृक संपत्ति में मिले हिस्से पर मकान बनाने नहीं दे रहे हैं। इस विवाद को लेकर मामला कई बार पुलिस और स्थानीय प्रशासन तक पहुंच चुका है, लेकिन पांच वर्षों बाद भी समाधान नहीं निकल पाया है।
किरण त्रिपाठी के पति अनिल त्रिपाठी का लगभग पांच वर्ष पहले कैंसर के कारण निधन हो गया था। लंबे इलाज में परिवार आर्थिक रूप से टूट गया और भारी कर्ज का बोझ भी उठाना पड़ा। पति की मौत के बाद किरण अपने तीन बच्चों, दो विवाह योग्य बेटियों गरिमा त्रिपाठी और महिमा त्रिपाठी तथा पुत्र विशेष त्रिपाठी के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही हैं। बेटियों के विवाह और बेटे के भविष्य की जिम्मेदारी अकेले उनके कंधों पर है।
पीड़िता का कहना है कि पैतृक संपत्ति में उन्हें जो वैधानिक हिस्सा मिला है, उसी पर वह अपने परिवार के लिए एक छोटा सा घर बनाना चाहती हैं, लेकिन उनके जेठ लगातार निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें वर्षों से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके संपत्ति संबंधी अधिकारों से भी वंचित किया जा रहा है।
किरण ने बताया कि वह स्वयं भी गंभीर बीमारियों का सामना कर चुकी हैं। ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी से उबरने के बाद अब वह उच्च रक्तचाप की दवा नियमित रूप से ले रही हैं। उनका कहना है कि लगातार तनाव और विवाद का असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
अब यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि एक विधवा और उसके बच्चों के अधिकारों से जुड़ा सवाल बन गया है। पीड़िता प्रशासन से निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग कर रही है ताकि उन्हें उनके वैधानिक अधिकार मिल सकें और वर्षों से अधूरी पड़ी अपने घर की उम्मीद आखिरकार पूरी हो सके।
