उत्तर प्रदेश के ( गोंडा) जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज सात साल के बेटे ने जम्मू जाने से मना करने पर अपने दिव्यांग पिता पर गड़ासे से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के बेसियाचैन गांव में रविवार दोपहर दिव्यांग पिता खेत में आम के पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। इसी दौरान उनका सात वर्षीय बेटा घर से गड़ासा लेकर पहुंचा और उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पिता की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे के हाथ से गड़ासा छीनकर घायल को बचाया। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए।
परिजनों ने बताया कि बच्चे के चाचा-चाची जम्मू में मजदूरी करते हैं। बच्चा भी उनके साथ जम्मू जाने की जिद कर रहा था, लेकिन पिता ने उसे मना कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
चार साल से अकेले कर रहे थे बेटों की परवरिश
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक रिश्तों और बदलते सामाजिक परिवेश की भी तस्वीर पेश करती है। परिजनों के अनुसार, करीब चार साल पहले पीड़ित की पत्नी दोनों बेटों को छोड़कर चली गई थी। उस समय छोटा बेटा केवल तीन वर्ष का था। इसके बाद पिता ने अकेले ही दोनों बच्चों की परवरिश की और उन्हें मां की कमी महसूस नहीं होने दी।
बताया गया कि जब छोटे बेटे ने चाचा-चाची के साथ जम्मू जाने की जिद की, तो पिता ने उसे डांटते हुए मना कर दिया। किसी ने भी नहीं सोचा था कि मामूली सी जिद इतनी भयावह घटना में बदल जाएगी और सात साल का मासूम अपने ही पिता पर जानलेवा हमला कर देगा।
