
24 घंटे के भीतर वाराणसी पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई, असलहा बरामदगी के दौरान झाड़ियों से निकालकर बदमाशों ने पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल
वाराणसी (काशीवार्ता)। कांस्टेबल अमित शुक्ला पर जानलेवा हमला कर फरार हुए बदमाशों के खिलाफ वाराणसी पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दूसरा एनकाउंटर करते हुए गोलीकांड में शामिल दो अन्य आरोपितों अंजनी झा और राजू तिवारी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आधी रात सामनेघाट के सुनसान इलाके में हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के दाहिने पैर में गोली लगी है।
पुलिस के मुताबिक, लंका थाना क्षेत्र में सिपाही अमित शुक्ला को गोली मारने के बाद फरार हुए अंजनी झा और राजू तिवारी की तलाश में क्राइम ब्रांच और लंका पुलिस की चार टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। संयुक्त टीम ने दोनों को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ की तो उन्होंने पुलिस को असलहे के संबंध में गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने सामनेघाट के गंगा किनारे झाड़ियों में हथियार छिपाकर रखने की जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस टीम दोनों आरोपितों को लेकर रात करीब एक बजे सामनेघाट के सुनसान इलाके में पहुंची। पुलिस के अनुसार, असलहा बरामदगी के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर दोनों बदमाशों ने झाड़ियों में छिपाकर रखी पिस्टल निकाल ली और पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि, बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण पुलिसकर्मी सुरक्षित बच गए।
पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल होकर दोनों मौके पर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर तत्काल बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां इमरजेंसी वार्ड में पुलिस अभिरक्षा के बीच उनका उपचार चल रहा है।
उधर, गोलीकांड में घायल कांस्टेबल अमित शुक्ला की हालत में भी सुधार बताया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।
डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि अंजनी झा और राजू तिवारी शातिर अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सिपाही पर गोली चलाने की घटना के बाद से ही पुलिस की चार टीमें इनकी तलाश में जुटी थीं। असलहा बरामदगी के दौरान दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में वे घायल हुए।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपितों के आपराधिक इतिहास के साथ ही उनके पूरे नेटवर्क और गोलीकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद सिपाही अमित शुक्ला गोलीकांड में पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है।
