– 1.95 लाख सीटों का आवंटन, आगे की प्रक्रिया में आई तेजी, लखनऊ सबसे आगे
– प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सतत मॉनिटरिंग से सुदृढ़ हुआ क्रियान्वयन, डिजिटल माध्यमों के उपयोग, नियमित समीक्षा और प्रभावी समन्वय पर जोर
– अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों का प्रवेश हुआ आसान
– प्रत्येक पात्र बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर दे रही सरकार्: संदीप सिंह
– पारदर्शी व्यवस्था और सख्त मॉनिटरिंग के माध्यम से शिक्षा के अधिकार को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है: मोनिका रानी
लखनऊ, 30 मार्च। ‘शिक्षा का अधिकार’ (RTE) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेशभर में प्रवेश प्रक्रिया प्रभावी रूप से आगे बढ़ रही है। अब तक 4,44,771 आवेदन, 1,95,740 सीटों का आवंटन तथा 39,873 बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित किया जा चुका है। प्रशासनिक स्तर पर दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। पात्र अभ्यर्थी विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनी है।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो रही है। यह पहल शिक्षा के अधिकार को धरातल पर साकार करने के साथ-साथ सामाजिक समावेशन को भी सशक्त कर रही है। इतना ही नहीं, विभागीय स्तर पर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र बच्चा इस योजना से लाभान्वित हो सके।
नामांकन में लखनऊ है सबसे आगे
राजधानी लखनऊ इस अभियान में अग्रणी रहा है, जहां 6,700 बच्चों का नामांकन किया गया। इसके अलावा बदायूं (2,231), बुलंदशहर (1,834), सहारनपुर (1,556) और आगरा (1,500) जैसे जिलों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। ज्ञातव्य हो कि वर्ष 2025-26 की तुलना में इस वर्ष प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनी है। डिजिटल माध्यमों के उपयोग, नियमित समीक्षा और प्रभावी समन्वय के चलते आवेदन से लेकर प्रवेश तक की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया गया है। अभिभावकों का भरोसा भी इस व्यवस्था पर और मजबूत हुआ है, जिसका सकारात्मक प्रभाव आवेदन संख्या में वृद्धि के रूप में दिखाई दे रहा है।
कोट
प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। RTE के तहत पारदर्शी व्यवस्था और सख्त मॉनिटरिंग के माध्यम से शिक्षा के अधिकार को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
– संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश
टॉप 06 जिले (प्रवेश के आधार पर)
जनपद नामांकन संख्या
लखनऊ 6700
बदायूं 2231
बुलंदशहर 1834
सहारनपुर 1556
आगरा 1500
गोरखपुर 1034
कोट
डिजिटल प्रक्रिया, सतत मॉनिटरिंग और बेहतर समन्वय के माध्यम से RTE प्रवेश प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया गया है। इससे अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है और अधिक से अधिक बच्चों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो रही है।
– मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश
