
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में शासकीय अधिवक्ताओं/अभियोजन अधिकारियों व अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त शासकीय अधिवक्ताओं/अभियोजन अधिकारियों के मामलों के निस्तारण व लंबित मुकदमों की जानकारी ली गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं/अभियोजन अधिकारियों को संबंधित मामलों की प्रभावी निगरानी कर निस्तारण में तीव्र प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अगली बैठक में जिला कृषि अधिकारी,खनन अधिकारी एवं पौध संरक्षण अधिकारी को बुलाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा की पीड़ितों को न्याय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है, साथ ही एक्साइज एक्ट, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, एससी-एसटी एक्ट, हत्या, डकैती, बलात्कार, शस्त्र अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण एवं गंभीर मामलों को चिह्नित करते हुए उसके निष्पादन के लिए ससमय कार्यवाही करें। हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए कि हम न्याय समय से दिला सके। जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायालय में लंबित मामलों के निष्पादन के लिए सभी संबंधित पक्षों में समन्वय का होना आवश्यक है। इसलिए जरूरी है कि सभी पक्ष आवश्यक कागजात या प्रतिवेदन की प्राप्ति के लिए ससमय संपर्क करें। डीएम ने डाटा को समय से फीड करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने एनकार्ड सहित आबकारी,खनन, परिवहन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रवर्तन विभागों की समीक्षा बैठक में प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने कोर्ट केस रजिस्ट्रेशन, बेल/जमानत निस्तारण, केस डिस्पोजल, लिपिकीय आपत्तियों, अपील/रिवीजन, चार्जशीट, चार्ज फ्रेम, फाइनल आर्ग्युमेंट, गवाहों की उपस्थिति एवं परीक्षण तथा अभियोजन स्वीकृति से संबंधित प्रकरणों की प्रगति का गहन परीक्षण किया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि गंभीर अपराधों—विशेषकर महिला एवं बालिका उत्पीड़न, अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार, गैंगस्टर, पोक्सो, शस्त्र अधिनियम, दहेज मृत्यु, अपहरण आदि के वादों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, जिससे अधिकाधिक प्रकरणों में राज्य सरकार के पक्ष में सजा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्यायालय में गवाहों की अनुपस्थिति या शिथिल पैरवी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अभियोजन अधिकारी नियमित समन्वय स्थापित कर गवाहों की समय से उपस्थिति व परीक्षण सुनिश्चित कराएं।
बैठक में न्यायालयों में लंबित वादों की संख्या, निस्तारित वादों की स्थिति तथा सजा/रिहाई के अनुपात की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक अभियोजन अधिकारी अपने-अपने न्यायालय में लंबित गंभीर प्रकरणों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर पैरवी करें। साथ ही अपील योग्य मामलों में समय से अपील/रिवीजन दायर करने के निर्देश दिए गए। अवैध खनन, आबकारी, शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण, संपत्ति जब्तीकरण तथा जिलाबदर की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में त्वरित चिकित्सीय परीक्षण, पीड़िता को विधिक सहायता एवं मुआवजा दिलाने हेतु समन्वित कार्रवाई पर बल दिया गया।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अभियोजन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अभियोजन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मासिक समीक्षा बैठक में अद्यतन प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।बैठक में संयुक्त निदेशक अभियोजन/जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी), विशेष लोक अभियोजक, समस्त सहायक शासकीय अधिवक्ता एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
