साइबर क्राइम पर सीपी का सख्त रुख, बोले- अब अपराधी नहीं पूरा नेटवर्क होगा ध्वस्त

58 गैंग का पर्दाफाश, 277 साइबर ठग गिरफ्तार, 25 करोड़ की ठगी की रकम होल्ड

वाराणसी (काशीवार्ता)। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कैम्प कार्यालय में साइबर क्राइम की वार्षिक समीक्षा गोष्ठी की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में सीपी ने साइबर अपराध के बदलते स्वरूप पर चिंता जताई और पुलिसिंग में समयानुकूल बदलाव के सख्त निर्देश दिए।सीपी ने कहा कि साइबर ठगी अब अकेले नहीं होती, इसके पीछे पूरा संगठित नेटवर्क काम करता है। इसलिए अब सिर्फ ठगी करने वाले को नहीं पकड़ना है, बल्कि म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले, फर्जी सिम बेचने वाले, फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले और एटीएम से ठगी की रकम निकालने वाले पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी जोन के साइबर प्रभारियों को प्रत्येक 15 दिन में लंबित केसों की समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट देने का आदेश दिया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पिछले एक साल में वाराणसी कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम ने अभूतपूर्व काम किया है। 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। डिजिटल अरेस्ट के 5 बड़े मामलों में 36 अपराधियों को पकड़ा गया और उनके पास से 1.20 करोड़ रुपये नकद, लग्जरी कारें और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे 15 कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ये गैंग शेयर मार्केट में निवेश, विदेशी नागरिकों से ठगी और नौकरी के नाम पर ठगी का रैकेट चला रहे थे। साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 16,982 एनसीआरपी शिकायतों का निस्तारण किया गया। वित्तीय कार्रवाई में 25 करोड़ रुपये की ठगी की रकम को होल्ड कराया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर 4.5 करोड़ रुपये पीड़ितों के खातों में वापस दिलाए गए। साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले 10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराए गए। 21 शातिर साइबर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया। इसके अलावा हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसे 550 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके परिजनों को सौंपा गया और ठगी से खरीदे गए 17 चार पहिया वाहन भी बरामद किए गए। सीपी ने बताया कि कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, घाटों और चौराहों पर 25 हजार से ज्यादा लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए हैं।इस दौरान डीसीपी अपराध नीतू, डीसीपी राजेश कुमार पाण्डेय, एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र सहित सभी जोन के साइबर प्रभारी और साइबर नोडल अधिकारी मौजूद रहे।

TOP

You cannot copy content of this page