वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (ओ.पी.राजभर) ने शनिवार को नमाज विवाद, आज़म खान प्रकरण, समाजवादी पार्टी, सोनम वांगचुक, शंकराचार्य, वाराणसी जमीन विवाद और निजीकरण जैसे मुद्दों पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कई मामलों में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए विपक्षी दलों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
नमाज विवाद पर राजभर ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी लोग अपने-अपने विचार रख रहे हैं। वहीं आज़म खान से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि यदि संबंधित जमीन सरकारी थी और उस पर सरकारी धन से निर्माण कराया गया था तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उसे विद्यालय के नाम दर्ज क्यों नहीं कराया।
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर अखिलेश यादव के बयान पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि यदि उन्हें गुस्सा है तो किसी मौलाना के पैर पकड़कर अपनी पीठ थपथपा लें। निजीकरण संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि जिनके पास अधिक धन होगा, उन्हें इसकी चिंता होगी, उन्हें नहीं।
वाराणसी में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पर जमीन हड़पने के आरोप और कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन से न्याय नहीं मिले तो अदालत का रास्ता खुला रहता है।
शंकराचार्य के राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि उनका कार्य धर्म का प्रचार-प्रसार करना है, राजनीति नहीं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि राजनीति करनी है तो कुर्ता-पायजामा सिलवाकर समाजवादी पार्टी का झंडा लगा लें। आगामी चुनावों को लेकर सपा-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों से ज्यादा राजनीतिक समझौतों में व्यस्त है, जबकि जनता सब देख रही है और चुनाव में इसका जवाब देगी।
