
वाराणसी (काशीवार्ता)। मशहूर शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में रविवार को वाराणसी में “समस्त भारतवासी” के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। शास्त्री घाट (कचहरी) से शुरू हुआ मार्च गोलघर और अर्दली बाजार होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
ज्ञापन में कहा गया कि सोनम वांगचुक 21 दिनों तक जंतर-मंतर पर अनशन पर रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन किया, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उनका कहना है कि लंबे अनशन से कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को भी जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ को रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई और कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया।
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक एवं युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून, युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर तथा जंतर-मंतर सहित अन्य स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान कैलाश पटेल, घनश्याम पांडे, अर्चना श्रीवास्तव, प्रिया पटेल, मनीष कसौधन, रोशन बरनवाल, ओम कुमार, कांता प्रसाद, शाहनवाज खान, गुलाब सिंह राठौड़, रमेश पटेल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
